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Jackie Shroff Children Movie: बच्चों की फिल्मों के गायब होने पर बोले जैकी श्रॉफ, कहा- “हमारे अंदर का बच्चा अब भी जिंदा है”

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जैकी श्रॉफ ने अपनी आगामी फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो - एलियंस का आगमन’ के प्रमोशन के दौरान बच्चों की फिल्मों की कमी पर चिंता जताई। अभिनेता ने कहा कि भारतीय संस्कृति और बचपन की मासूमियत अब फिल्मों से गायब होती जा रही है।

Jackie Shroff इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो - एलियंस का आगमन’ को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। लंबे समय से अलग-अलग तरह के किरदार निभाने वाले जैकी श्रॉफ इस बार बच्चों के लिए बनाई गई एक खास फिल्म में नजर आने वाले हैं। फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने न सिर्फ अपनी आने वाली फिल्म को लेकर खुलकर बात की, बल्कि हिंदी सिनेमा में बच्चों से जुड़ी फिल्मों की कमी पर भी चिंता जाहिर की। अभिनेता ने कहा कि आज के दौर में ऐसी फिल्में बहुत कम बन रही हैं जो बच्चों की मासूमियत, उनके सपनों और उनके कल्पनाशील संसार को सही तरीके से दिखा सकें।

जैकी श्रॉफ ने बातचीत के दौरान कहा कि बच्चों की फिल्मों की अपनी एक अलग दुनिया होती है और यह शैली उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने माना कि आज का सिनेमा तेजी से बदल रहा है, लेकिन बच्चों के लिए संवेदनशील और सीख देने वाली फिल्मों की संख्या लगातार घटती जा रही है। उनके मुताबिक, पहले कहानियों में कल्पना, लोककथाएं और भावनाएं हुआ करती थीं, लेकिन अब बच्चों की सोच पर इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बच्चों के लिए अच्छी और संस्कार देने वाली फिल्मों की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा महसूस की जा रही है।

अभिनेता ने कहा कि हर इंसान के भीतर एक बच्चा हमेशा जिंदा रहता है और शायद यही वजह है कि उन्हें बच्चों की फिल्मों से विशेष लगाव है। उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि पहले बच्चों की दुनिया कहानियों, कविताओं और कल्पनाओं से भरी होती थी। बच्चे खेलते थे, किस्से सुनते थे और अलग-अलग तरह की लोककथाओं से सीखते थे। लेकिन आज की पीढ़ी मोबाइल स्क्रीन और डिजिटल दुनिया के बीच बड़ी हो रही है। उनका मानना है कि तकनीक जरूरी है, लेकिन बचपन की मासूमियत और भारतीय संस्कृति से जुड़ी कहानियों को भी उतना ही महत्व मिलना चाहिए।

जैकी श्रॉफ ने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों को बच्चों तक पहुंचाने में सिनेमा बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने माना कि आज के समय में बच्चों के मनोरंजन के लिए ढेरों विकल्प मौजूद हैं, लेकिन ऐसी सामग्री बहुत कम है जो उन्हें भावनात्मक रूप से जोड़ सके। अभिनेता ने कहा कि फिल्मों में सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सीख और संस्कार भी होने चाहिए, ताकि बच्चे अपनी जड़ों से जुड़े रहें।

अपनी नई फिल्म के बारे में बात करते हुए जैकी श्रॉफ ने बताया कि यह फिल्म पूरी तरह पारिवारिक मनोरंजन पर आधारित है। फिल्म में हास्य, भावनाएं, रोमांच और कल्पना की दुनिया को एक साथ दिखाने की कोशिश की गई है। अभिनेता का मानना है कि आज के दौर में ऐसी फिल्में जरूरी हैं जिन्हें पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुपरहीरो पसंद आते हैं और अगर उस सुपरहीरो के जरिए उन्हें अच्छी बातें सिखाई जाएं तो उसका असर लंबे समय तक रहता है।

सुपरहीरो के किरदार पर चर्चा करते हुए जैकी श्रॉफ ने अपने पुराने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि कई दशक पहले जब उन्होंने सुपरहीरो की भूमिका निभाई थी, तब तकनीक इतनी विकसित नहीं थी। उस समय एक्शन दृश्यों के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती थी। ऊंचाई से लटकना, स्टंट करना और भारी कॉस्ट्यूम पहनकर लंबे समय तक शूटिंग करना बेहद कठिन होता था। अब तकनीक ने चीजों को काफी आसान बना दिया है, लेकिन सुपरहीरो का किरदार निभाना आज भी चुनौतीपूर्ण है।

उन्होंने हंसते हुए कहा कि सुपरहीरो का कॉस्ट्यूम पहनने के बाद घंटों तक शूटिंग करनी पड़ती है और कई बार कलाकारों को बेहद असहज परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। हालांकि इसके बावजूद दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाना सबसे बड़ी खुशी होती है। जैकी श्रॉफ ने कहा कि बच्चों के लिए काम करना हमेशा खास अनुभव होता है, क्योंकि बच्चे सच्ची भावनाओं को तुरंत महसूस कर लेते हैं।

फिल्म में दादा के किरदार को लेकर भी जैकी श्रॉफ ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि परिवार में दादा-दादी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके पास अनुभव होता है, जीवन की सीख होती है और बच्चों के साथ उनका भावनात्मक रिश्ता बेहद मजबूत होता है। अभिनेता का मानना है कि बच्चे अपने दादा-दादी से धैर्य, संस्कार और जीवन की छोटी-छोटी बातें सीखते हैं। यही कारण है कि फिल्म में इस रिश्ते को खास तरीके से दिखाया गया है।

फिल्म के निर्देशक Manish Saini भी अपनी अलग तरह की फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पहले भी कई ऐसी फिल्में बनाई हैं जिन्हें दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा है। जैकी श्रॉफ ने निर्देशक की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने इस फिल्म को बेहद संवेदनशील तरीके से तैयार किया है और बच्चों की दुनिया को खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है।

बॉलीवुड में लंबे समय से सक्रिय जैकी श्रॉफ आज भी नए प्रयोग करने से पीछे नहीं हटते। एक्शन, कॉमेडी, भावनात्मक और सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता का कहना है कि कलाकार को हर तरह के किरदार निभाने चाहिए। हालांकि बच्चों की फिल्मों के प्रति उनका झुकाव हमेशा खास रहेगा क्योंकि ऐसी कहानियां सीधे दिल को छूती हैं।

‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो - एलियंस का आगमन’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। खासकर बच्चे इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म में मनोरंजन के साथ-साथ परिवार, रिश्तों और बचपन की मासूमियत को भी प्रमुखता से दिखाने की कोशिश की गई है। यही वजह है कि यह फिल्म सिर्फ बच्चों के लिए नहीं बल्कि पूरे परिवार के लिए खास मानी जा रही है।

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